Monday, October 23, 2017

बदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को चाचा ने बनाया हवस का शिकार


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From: PVCHR Communication <cfr.pvchr@gmail.com>
Date: 2017-10-24 11:26 GMT+05:30
Subject: बदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को चाचा ने बनाया हवस का शिकार
To: cr.nhrc@nic.in, covdnhrc <covdnhrc@nic.in>
Cc: Shruti Nagvanshi <shruti@pvchr.asia>


सेवा में,
अध्यक्ष
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
नई दिल्ली
 महोदय,
आपका ध्यान 23 अक्टूबर, 2017 के दैनिक समाचार पत्र दैनिक जागरण में प्रकाशित इस खबर बदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को चाचा ने बनाया हवस का शिकार http://www.jagran.com/uttar-pradesh/badaun-relative-raped-minor-in-badun-16903082.html की ओर आकृष्ट कराना चाहती हूँ|
 अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस संगीन मामले को संज्ञान में लेते हुए अविलम्ब लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012 के अंतर्गत कार्यवाही निर्देश करे|
भवदीया
श्रुति नागवंशी, संयोजक सावित्री बाई फुले महिला पंचायत
शिरीन शबाना खान, कार्यक्रम निदेशक, मानवाधिकार जन निगरानी समिति


बदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को चाचा ने बनाया हवस का शिकार

Publish Date:Mon, 23 Oct 2017 06:08 PM (IST) | Updated Date:Tue, 24 Oct 2017 10:14 AM (IST)
बदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को चाचा ने बनाया हवस का शिकारबदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को चाचा ने बनाया हवस का शिकार
बिनावर में डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची के साथ हुई घटना ने सभी को इस बात से हिला कर रख दिया है कि घटना को अंजाम किसी और ने नहीं बल्कि उसके रिश्ते के चाचा ने ही दिया।
बदायूं (जेएनएन)। रिश्ते के चाचा ने कल देर शाम बदायूं में डेढ़ वर्ष की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। शराब के नशे में उसने बच्ची से दरिंदगी की। वहां पर इससे भी निंदनीय कृत्य तो जिला अस्पताल की डॉक्टर नाजिया ने किया। डॉक्टर नाजिया प्राइवेट क्लीनिक में डिलीवरी कराने गईं थी, जिसके कारण बच्ची को समय से चिकित्सा नहीं मिली। हालत खराब होने पर बच्ची को बरेली रेफर किया गया है। वहशी दरिंदे को पकड़ लिया गया है। 
बदायूं के बिनावर कस्बे में घर के बाहर खेल रही डेढ़ वर्ष की बच्ची को रिश्ते का चाचा कुछ खिलाने के बहाने उठा ले गया। नशे में धुत चाचा ने हैवानियत की हदें पार करते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया। बच्ची को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा जहां वह इलाज के लिए डेढ़ घंटे तड़पती रही। डॉक्टर नाजिया निजी अस्पताल में डिलीवरी कराने गईं थीं। मामले में उनके खिलाफ भी लापरवाही का मुकदमा दर्ज हुआ है। 
घटना कल देर शाम की है। बच्ची के रिश्ते का चाचा प्राइवेट एंबुलेंस चालक विवेक कुमार शराब के नशे में गली से गुजर रहा था। उसकी नजर जब मासूम पर पड़ी तो वह उसको गोद में उठाकर घर चल दिया। वह रिश्ते का चाचा और पड़ोसी था इसलिए किसी ने उसपर गौर नहीं किया। वह बच्ची को घर ले गया, जहां उसके साथ हैवानियत भरी घटना को अंजाम दे दिया। 
अचानक बच्ची दरवाजे से गायब होने पर परिवार के लोगों ने आसपास तलाश की। किसी ने बताया कि उसको विवेक ले गया है। परिवार के लोग ब आरोपी के घर पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ चारपाई पर बेहोश पड़ी थी। उनको देख आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन परिवार वालों ने दरवाजा बंद कर दिया और फिर पुलिस को बुलाया। 
मासूम को दुलार की जगह दे दिया जिंदगी भर का दर्द
समाज में चाचा और भतीजा-भतीजी का पवित्र रिश्ता माना जाता है, वहीं समाज में छिपे कुछ भेडिय़े इन पावन रिश्तों को कलंकित करने से नहीं चूक रहे हैं। हवस में अंधे कुछ लोग ही जहां रिश्तों को बदनाम कर रहे हैं, वहीं समाज में दिन पर दिन इन खूनी रिश्तों को कमजोर करते जा रहे हैं। बिनावर में डेढ़ वर्ष की मासूम बच्ची के साथ हुई घटना ने सभी को इस बात से हिला कर रख दिया है कि घटना को अंजाम किसी और ने नहीं बल्कि उसके रिश्ते के चाचा ने ही दिया। वह भी इस तरह की वारदात के बारे में कोई कल्पना भी नहीं कर सकता, जो इस तरह की हरकत कोई कर जाएगा। मासूम बच्ची को वह अक्सर खिलाने के बहाने ले जाता था। उसके मन में क्या चल रहा था इस बारे में कोई सोच भी नहीं सका। वजह थी कि मासूम पर कोई गंदी नीयत रखेगा ऐसा इंसान तो दुनिया में नहीं होता।
मगर, उस इंसान के अंदर अगर बहशी दरिंदा छिपा हो तो उसके कोई पहचान भी नहीं सका। एंबुलेंस चालक जब भी उस बच्ची को अपनी गोद में उठाकर ले जाता तो उसको दुकान से ढेर सारी चीजें दिलवाता था। कल उसके अंदर का शैतान जागा तो उसने रिश्तों को कलंकित कर दिया। मासूम को दुलार की जगह उसने जिंदगी भर का दर्द दे दिया जो उम्र भर उसके सीने में कसकता रहेगा। इस घटना के बाद लोगों का कहना है कि कानून भले ही इस दरिंदे को माफ कर दे, लेकिन समाज इसे माफ नहीं करेगा।
बरेली रेफर
दुष्कर्म की शिकार डेढ़ वर्ष की मासूम को यहां जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी कमल किशोरी, सीएमओ डॉ.नेमी चंद्रा भी पहुंचे और जायजा लिया। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बच्ची की हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने बरेली रेफर कर दिया, घटना के खिलाफ लोगों में आक्रोश है।
मासूम की जिंदगी से भी खेल गए बेदर्द डॉक्टर
महिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल उस वक्त खुली जब बिनावर में दरिंदगी की शिकार हुई डेढ़ साल की मासूम दर्द से कराहती रही और जिम्मेदार निजी नर्सिंग होम में अपनी जेब भर रहे थे। मासूम की तड़प से पूरा अस्पताल परेशान था, लेकिन धरती के भगवानों को उसकी चीख सुनाई नहीं दी। यह जानकारी जब सीएमओ और एसपी सिटी को हुई तो उन्होंने बच्ची को बरेली रेफर कराने के बाद आरोपी डॉक्टर नाजिया के खिलाफ मुकदमे के आदेश दिए।

कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। दरिंदगी की शिकार मासूम को इलाज के लिए महिला अस्पताल लाया गया था। चूंकि मामला संगीन था इसलिए अस्पताल स्टाफ को पहले ही बता दिया गया था। जिला प्रशासन घटना को लेकर काफी गंभीर था, लेकिन महिला अस्पताल का स्टाफ अपनी मनमर्जी के मुताबिक अवैध वसूली में ही व्यस्त था। बच्ची इमरजेंसी में करीब एक घंटे तक तड़पी। मगर, उसको प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया।
दो साल पहले भी हुई थी घटना
करीब दो साल पहले बदायूं के लालपुल चौराहे के पास भी इसी तरह की हैवानियत हुई थी। तब पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने यहां भी डेढ़ साल की मासूम को अपने साथ ले गया था और उसके साथ दरिंदगी की थी। समाज में हो रही इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। बताते हैं कि वह युवक भी नशे की हालत में था जिसने घटना को अंजाम दिया था।

महिला चिकित्सक की गलती 
सीएमओ डॉक्टर नेमी चंद्रा ने बताया कि महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर नाजिया की गलती सामने आई है। उस डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जांच चल रही है जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
केस दर्ज किया गया 
एसपी सिटी कमल किशोर ने बताया कि डॉक्टर की काफी हद तक सामने आई है। उनके खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मासूम का समय से इलाज नहीं दिया गया।
मामला काफी गंभीर
एसओ बिनावर ने कहा कि बच्ची को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामला काफी गंभीर है। इस आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Monday, September 18, 2017

In Yogi raj, are these encounters or murders in cold blood?


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From: PVCHR Communication <cfr.pvchr@gmail.com>
Date: Tue, Sep 19, 2017 at 11:25 AM
Subject: In Yogi raj, are these encounters or murders in cold blood?
To: cr.nhrc@nic.in, covdnhrc <covdnhrc@nic.in>
Cc: lenin <lenin@pvchr.asia>


To,
The Chairperson
National Human Rights Commission
New Delhi

Dear Sir,

I want to bring in your kind attention towards the news published in National Herald on 18th September, 2017 regarding In Yogi raj, are these encounters or murders in cold blood? https://www.nationalheraldindia.com/crime/in-yogi-raj-are-these-encounters-or-murders-in-cold-blood

Therefore it is kind request to conduct an inquiry in this incident of custodial death under section 176(1)A Cr.PC by a Judicial Magistrate

Thanking You


Sincerely Yours
Lenin Raghuvanshi
Founder and CEO
Peoples' Vigilance Committee on Human Rights


In Yogi raj, are these encounters or murders in cold blood?

BISWAJEET BANERJEE
File photo of UP Chief Minister visiting a police station in Lucknow&nbsp;
Photo by Deepak Gupta/Hindustan Times via Getty Images
File photo of UP Chief Minister visiting a police station in Lucknow 

Most encounters where a criminal has been killed show a modus operandi. A criminal is arrested but he escapes. After a few days, police somehow manages to track him & kills him in an encounter

The Yogi Adityanath government has now authorised the Director General of Police to declare an award of ₹2.5 lakh and the district police chief to declare one of ₹25,000 for killing a wanted criminal. This has raised many eyebrows as to whether the government has announced a bounty to kill people in the name of controlling crime. On Saturday, Chief Minister Yogi Adityanath even told a private news channel, “Goliyon ka jawab goliyon se denge (We will counter bullets with bullets.)”
Such suspicion is not unfounded considering police claims of having conducted 420 encounters in the last six months, killing 15 criminals who were carrying awards on their heads. The police have arrested 1106 criminals and 84 criminals have been injured in gun battles with police. The state government claims that 86 policemen too have suffered gun shot wounds.
One sub-inspector, Jai Prakash Singh, died in one of these encounters with a gang of ‘dacoits’ in Chitrakoot.
The statistics, on the face of it, provides a good reading and shows the resolve of Chief Minister Yogi Adityanath to control crime in Uttar Pradesh. Senior police officers like HR Sharma defend the police’s action, saying such efforts are necessary to control crime. ADG (Law and Order) Anand Kumar said that police was targeting only those who were creating problems for the society. “We ask them (criminals) to surrender and if they open fire, the police retaliates,” he said adding that in these gun battles, many cops have been injured and that one policeman died.
However, the police’s justification cannot stand close scrutiny. Majority of the encounters where a criminal has been killed show a particular modus operandi. A criminal is arrested but somehow he escapes from police custody. After a few days, police somehow come to know about him and kills him in an encounter. However, the accomplices of the dreaded criminal always manage to escape.
Sample this:
  • On September 11, Saharanpur Police claimed to have gunned down wanted criminal Shamshad in an encounter. Three days before this encounter, Shamshad had escaped from police custody in the Gagalhedi area. The SSP announced an award of ₹12,000 after his escape. Reports say Shamshad suffered bullet injuries during an encounter with SWAT. One of his aides managed to escape. The police claimed that Shamshad had threatened local doctor Piyush Sanawar of Saharanpur and demanded ₹15 lakh as protection money on last Saturday.
  • On Sept 1, Sunil Sharma, who was carrying an award of ₹15,000 on his head and had fled from police custody, was killed in an encounter in Gomti Nagar in Lucknow. Police said that Sunil was injured in the encounter in Gomti Nagar and died in the hospital. Sharma, who was lodged in Hardoi jail, had fled from police custody from Lucknow where he was bought for a hearing.
  • On August 18, Azamgarh Police claimed to have gunned down Sujeet Singh aka Budhwa, carrying a cash reward of ₹50,000 during an encounter. Five policemen were also injured. Police said that Budhwa escaped from police custody while being taken back to Rampur district after being produced in a Mau court in connection with a loot on August 11. In this encounter, the aides of Budhwa escaped.
  • On August 25, sub-inspector JP Singh was killed while Station Officer of Bahelpura Virenda Tripathi was injured in an encounter with brigand Babli Kol and his men in the jungles of Nihi Chiraiya in Manikpur police station area of Chitrakoot. On September 4, the STF of UP police killed a dreaded dacoit by the name of Sharda Kol. The slain brigand carried a reward of ₹12,000 and was prime accused in the killing of the sub-inspector.
Human Rights activists do not agree with this course of action at all. Lenin Raghuvanshi of People’s Vigilance Committee of Human Rights (PVCHR) says that such encounters damage the rule of law and subverts the criminal justice system. “This also leads to politicisation of criminals, as fearing police action, they often join the ruling party. They then continue their criminal activities under the patronage of local leaders,” he said.

Sunday, September 17, 2017

UP Cops Allegedly Hit Elderly Woman With Rifle Butt, She Dies Within Minutes

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From: PVCHR Communication <cfr.pvchr@gmail.com>
Date: Mon, Sep 18, 2017 at 11:21 AM
Subject: UP Cops Allegedly Hit Elderly Woman With Rifle Butt, She Dies Within Minutes
To: cr.nhrc@nic.in, covdnhrc <covdnhrc@nic.in>
Cc: lenin <lenin@pvchr.asia>


To,
The Chairperson
National Human Rights Commission
New Delhi

Dear Sir,
I want to bring in your kind attention towards the news published in NDTV on 16 September, 2017 regarding UP Cops Allegedly Hit Elderly Woman With Rifle Butt, She Dies Within Minutes http://www.ndtv.com/india-news/up-cops-allegedly-hit-elderly-woman-with-rifle-butt-she-dies-within-minutes-1751130?type=news&id=1751130&category=india-news
Therefore it is a kind request please take appropriate action at earliest.

Sincerely Yours
Lenin Raghuvanshi
Founder and CEO
Peoples' Vigilance Committee on Human Rights


UP Cops Allegedly Hit Elderly Woman With Rifle Butt, She Dies Within Minutes

60-year-old Kalawati was hit in the chest. She couldn't take the assault and threw up blood before she die

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UP Cops Allegedly Hit Elderly Woman With Rifle Butt, She Dies Within Minutes
As the woman lay dead in front of them, the cops reportedly tried to escape.
UTTAR PRADESH:  An elderly woman died after being allegedly hit with a rifle butt by a group of six policemen in Uttar Pradesh's Bareilly. The cops had reportedly gone to 60-year-old Kalawati's home to arrest her grandson Sooraj who has been on the run in a case for his wife's alleged dowry death. When they couldn't find Sooraj at home, the angry cops purportedly began to break things. As the woman objected to their behaviour, they allegedly hit her in the chest with their rifles.

The injured woman couldn't take the assault and threw up blood before she died. As she lay dead in front of them, the cops reportedly tried to escape but the villagers who got to know about her alleged murder, surrounded the policemen and beat them up. However, as soon as their colleagues were informed about the incident, they reached the site and resorted to lathicharge to disperse the crowd.

They rescued the cops and filed an FIR against them. All six of them have been suspended and a case has also been registered under section 302 for murder, a senior police officer said. The woman's body has been sent for postmortem and the report is awaited.

The woman's granddaughter Yogesh Kumari, who is the prime witness in the case, said, "They came and enquired about Sooraj. His in-laws had filed a complaint against Sooraj. When my grandmother told them he wasn't at home they got angry and hit her with their rifle. She died within minutes."

Bareilly SSP Jogender Kumar admitted that there has been negligence on the cops' part. "An elderly woman has died and the villagers allege that she was killed during a scuffle. We have, however, taken immediate action against the policemen named by the villagers. They should know how to deal with people. We have also written to the district magistrate to look into the matter."

Tuesday, September 5, 2017

Fwd: झारखण्ड के कोडरमा जिला स्थित गायत्री क्लिनिक में एक व्यक्ति की मौत मामले में हस्तछेप न करने व् मेडिकल गार्डलाईन के तहत दुर्घटना सही बताने के सम्बन्ध में




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From: PVCHR Communication <cfr.pvchr@gmail.com>
Date: 2017-08-16 14:15 GMT+05:30
Subject: Fwd:
झारखण्ड के कोडरमा जिला स्थित गायत्री क्लिनिक में एक व्यक्ति की मौत मामले में हस्तछेप न करने व् मेडिकल गार्डलाईन के तहत दुर्घटना सही बताने के सम्बन्ध में
To: cr.nhrc@nic.in
Cc: lenin <lenin@pvchr.asia>, "Onkar. vishwkarma" <onkar670@gmail.com>

To,
The Chairperson
National Human Rights Commission
New Delhi

Dear Sir,
I want to bring in your kind attention towards the email received from Onkar Viswakarma, State Convenor, Jharkhand. He complained to Hon'ble commission on 15th August, 2017  on the basis of the newspaper reporting regarding death of patient while treatment in Gayatri clinics by untrained technicians. (The copy of complain is attached). On same day he received call  on his mobile no at 6 o.clock from
+918789546492 with a threat for not intervening in the matter of Gayatri clinics. He himself introduce as Bengal and Jharkhand incharge of International Human Rights Council.


Therefore it is a kind request please take appropriate action at earliest to prevent any untoward with him.


Sincerely Yours
Lenin Raghuvanshi
Founder and CEO
Peoples' Vigilance Committee on Human Rights


---------- Forwarded message ----------
From: Onkar. vishwkarma <onkar670@gmail.com>
Date: 2017-08-15 21:18 GMT+05:30
Subject:
झारखण्ड के कोडरमा जिला स्थित गायत्री क्लिनिक में एक व्यक्ति की मौत मामले में हस्तछेप न करने व् मेडिकल गार्डलाईन के तहत दुर्घटना सही बताने के सम्बन्ध में
To: "Dr. Lenin Raghuvanshi" <lenin@pvchr.asia>

सेवा में 
श्रीमान महासचिव 
मानवाधिकार जन निगरानी समिति भारत

विषय:- झारखण्ड के कोडरमा जिला स्थित गायत्री क्लिनिक में एक व्यक्ति की मौत मामले में हस्तछेप न करने व् मेडिकल गार्डलाईन के तहत दुर्घटना सही बताने के सम्बन्ध में 


महोदय
सादर कहना यह है की मै ओंकार विश्वकर्मा झारखण्ड के कोडरमा जिले में मानवाधिकार मुद्दे पर मानवाधिकार जन निगरानी समिति के साथ जुड़ कर राज्य समन्वयक के पद पर अपने कार्य को कर रहा हू। अपने कार्य के दौरान दिनांक 15 अगस्त 2017 को मोबाईल संख्या +918789546492 से समय 6:00 बजे फोन कर के अपने आप को अंतरराष्ट्रीय ह्यूमन राईट काउंसिल का बंगाल झारखण्ड प्रभारी बता कर बात किया और कोडरमा स्थित गायत्री क्लिनिक में इलाज के दौरान दिनांक 7 अगस्त को एक व्यक्ति की मौत के मामले में देख लेने (कार्यवाही न करने) और मामले में हमें न्यायिक प्रकिया मेडिकल प्रक्रिया समझाने की कोशिश किया । 
अतः महोदय से नम्र निवेदन है की उक्त मामले को गम्भीरता से लेते हुए कार्यवाही करने की कृपा करे। 
भवदीय
ओंकार विश्वकर्मा
राज्य संयोजक 
मानवाधिकार जन निगरानी समिति झारखण्ड
डोमचांच कोडरमा झारखण्ड
संपर्क 9934520602