Friday, June 22, 2012

Tuesday, June 19, 2012

उत्तर प्रदेश महोबा जिले में आर्थिक तंगहाली झेल रहे कर्जदार किसान के फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या करने के सन्दर्भ में।



---------- Forwarded message ----------
From: PVCHR <pvchr@rediffmail.com>
Date: 2012/6/16
Subject: उत्तर प्रदेश महोबा जिले में आर्थिक तंगहाली झेल रहे कर्जदार किसान के फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या करने के सन्दर्भ में।
To: covdnhrc@nic.in, ionhrc@nic.in
Cc: lenin@pvchr.asia, pvchr.india@gmail.com


16 जून, 2012
सेवा में,
श्रीमान् अध्यक्ष,
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग,
नई दिल्ली।


विषय: उत्तर प्रदेश महोबा जिले में आर्थिक तंगहाली झेल रहे कर्जदार किसान के फांसी लगाकर आत्‍महत्‍या करने के सन्दर्भ में।

महोदय,
विदित हो कि बुंदेलखण्ड क्षेत्र में पिछले कई वर्षो से सूखे और सिंचाई के संसाधन न होने के कारण किसान आर्थिक तंगहाली का शिकार होकर आत्महत्या कर रहे हैं। बीज, खाद, सिंचाई, बिजली आदि के लिए बैंक और साहूकारो से लिये गये कर्जो के कारण वसूली और तगादे के बोझ और मानसिक यंत्रणा के कारण किसानो के द्वारा आत्महत्या की घटना पिछले कई वर्षो से आम हो गयी है ।
दिनांक 14 जून, 2012 को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के ग्राम-ग्‍योडी, थाना-खन्ना, निवासी 65 वर्षीय किसान श्री बसंतलाल उर्फ बसंता द्वारा आर्थिक तंगी से जूझते हुए बैंक व साधन सहकारी समिति के कर्ज और साहूकारो के कर्ज के वसूली से तंग आकर आत्महत्या कर लिया गया। विदित हो कि मृतक बसंत लाल उर्फ बसंता के 15 बीघा खेत में फसल भी नहीं हुई जिससे कि कर्ज चुकाया जा सके।

केन्द्र सरकार द्वारा बुन्देलखण्ड के किसानो को आत्महत्या, आर्थिक तंगी से बचाने के लिए बड़ी मात्रा में राहत पैकेज और कर्ज माफी का ऐलान किया गया। लेकिन आज भी किसान आर्थिक तंगी झेलते हुए कुछ न कर पाने और सरकारी राहत ना मिल पाने की स्थिति में आत्महत्या को बाध्य हो रहे है।

अतः इस घटना को संज्ञान में लेकर जांच कराते हुए न सिर्फ पीडि़त परिवार को राहत प्रदान की जाय, बल्कि केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रहीं सभी राहत कार्यक्रमों का मूल्यांकन करते हुए यह सुनिश्चित किया जाय कि फिर कोई किसान आत्महत्या ना करने को बाध्‍य हो।

संलग्‍नक :-
1. अख़बार की कटिंग।


भवदीया


(श्रुति)
मैनेजिंग ट्रस्टी


PEOPLES VIGILANCE COMMITTEE ON HUMAN RIGHTS(PVCHR)
SA4/2 DAULATPUR,VARANASI(UP)-221002,INDIA..
Phone: 91-542-25866688 .
Mobile:9935599330
www.pvchr.org

Sucuide of a farmer in Bundelkhand

उत्तर प्रदेश वाराणसी जिले के बेरोजगार युवको को रोजगार और अच्छा वेतन दिलाने का झांसा देकर युवकों को बंधुआ बनाये जाने के संदर्भ में।



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From: PVCHR <pvchr@rediffmail.com>
Date: 2012/6/16
Subject: उत्तर प्रदेश वाराणसी जिले के बेरोजगार युवको को रोजगार और अच्छा वेतन दिलाने का झांसा देकर युवकों को बंधुआ बनाये जाने के संदर्भ में।
To: covdnhrc@nic.in, ionhrc@nic.in
Cc: lenin@pvchr.asia, pvchr.india@gmail.com


16 जून, 2012
सेवा में,
श्रीमान् अध्यक्ष,
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग,
नई दिल्ली।

विषय: उत्तर प्रदेश वाराणसी जिले के बेरोजगार युवको को रोजगार और अच्छा वेतन दिलाने का झांसा देकर युवकों को बंधुआ बनाये जाने के संदर्भ में।

महोदय,
उत्तर प्रदेश वाराणसी जिले के काशीविद्यापीठ ब्लाक अन्तर्गत ग्राम-छितौनी, कोटवां, कोरउत के बेरोजगार युवकों को क्षेत्र के ही दलाल सनी एवं अनिल उपाध्याय द्वारा मैनपुरी ईटावा के नगला मुंशी गांव में मोबाइल का टावर लगाने के कार्य में मजदूरी का काम दिलाने की बात कहकर ले जाया गया। कार्यस्थल पर पहुंचने पर इन युवको से सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक लगातार कार्य लिया गया। इन्हें मैनपुरी के नागला प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में ताले में बन्द कर रखा गया। काम के इतने लम्बे घंटे पर इन युवकों ने विरोध किया तो ठीकेदार द्वारा ही इन्हें बताया गया कि यहां लाने के एवज में (वाराणसी काशी विद्यापीठ ब्लाकअन्तर्गत ग्राम कोरउत निवासी) सनी और अनिल उपाध्याय को 8 से 16 हजार रूपये एडवांस दिया गया है, अतः जब तक काम पूरा नहीं हो जाय, वे कहीं नहीं जा सकते। चूंकि ठेकेदारो द्वारा मजदूरो को लाने के एवज में एडवांस सनी और अनिल को दी गयी थी। अतः ठेकेदार ने उन सभी को प्राथमिक विद्यालय में बंधक बना लिया। बंधुआ मजदूरों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों से गुहार लगाने पर ताला तोड़कर बाहर निकल कर किसी तरह भागकर वाराणसी पहुंचे। इस घटना में उनके द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज कराने के लिए लोहता थाने में शिकायत पत्र दिया गया, लेकिन माननीय मुख्‍यमंत्री श्री अखिलेश यादव एवं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव का कार्यक्षेत्र होने के कारण लोहता थाने द्वारा एफ.आई.आर. नहीं दर्ज किया गया। क्षेत्रीय राजनीतिक पहुंच रखने वाले व्यक्तियों द्वारा बंधुआ बनाये गये पिडित युवको पर बार-बार यह दबाव दिया जा रहा है कि इससे समाजवादी पार्टी की बदनामी होगी, अतः इस मामले पर कोई कानूनी कार्यवाही या जांच की जरूरत नहीं है।

विदित हो कि वाराणसी के बेरोजगार युवक उन बुनकर परिवारों के सदस्य जो साड़ी बुनकरी में भीषण मंदी के दौर से गुजर रहे है, ऐसे में ये रोजगार की तलाश में रहते हैं। वहीं बिचौलिए या दलाल इनकी गरीबी का फायदा उठाकर इनके नाम पर ठीकेदारो से मोटी रकम एडवांस में लेकर इन्हें बंधुआ मजदुर बनने पर मजबुर करते है।

चूंकि कोई भी व्यक्ति, समूह या राजनीतिक दल या सरकार कानून के ऊपर नहीं है। अतः इस घटना में बंधुआ मजदूरी अधिनियम 1976 के तहत निर्धारित सक्षम अधिकारियों से निष्पक्ष तरीके से जांच कराकर दोषी ठीकेदार और दलालो के विरूद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए।

आशा है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव इस घटना को कानून का उल्लंघन मानते हुए निष्पक्ष जांच कराकर दोषी व्‍यक्तियों को बंधुआ मजदूरी अधिनियम के अनुसार कानूनी कार्यवाही और पीडि.त व्‍यक्तियों को उचित मुआवजा देने का आदेश देवे।

बंधुआ मजदूरों की सूची :-
कोटवा, नई बस्ती, वाराणसी।
1. शाविर अंसारी उर्फ मंगरू, उम्र-20 वर्ष, पुत्र मुलाजिम।
2. कौसर अंसारी, उम्र-15 वर्ष पुत्र मुलाजिम।

छितौनी वाराणसी।
3. पीर मोहम्मद, उम्र-17 वर्ष, पुत्र ईदू।
4. कल्लू, उम्र-17 वर्ष, पुत्र खलिल।
5. इम्तियाज, उम्र-17 वर्ष, पुत्र-मुस्ताक।
6. सुनिल यादव पुत्र-महगी यादव।

कोरऊत, वाराणसी।
7. बबलू पुत्र रामजी गुप्ता।
8. गुड्डू यादव पुत्र गुलाब यादव।
9. कल्लू यादव पुत्र स्व0 पाचू यादव।
10. गुरूदास गुप्ता पुत्र राजेन्द्र गुप्ता।
11. करिया पुत्र दद्दू।
12. बबलू पुत्र मोहन बेनवंशी।
13. विनोद केशरी पुत्र स्व0 नन्दू प्रसाद।
14. त्रिलोकि गुप्ता पुत्र टेढ़ू गुप्ता।


भवदीया


(श्रुति)
मैनेजिंग ट्रस्टी





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मूक बधिर 11 वर्षीय बालिका के गैंग रेप की घटना में कानूनी कार्यवाही एवं पंचायत द्वारा किये गये गलत फैसले के विरूद्ध कार्यवाही के सन्दर्भ में।



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From: PVCHR <pvchr@rediffmail.com>
Date: 2012/6/16
Subject: मूक बधिर 11 वर्षीय बालिका के गैंग रेप की घटना में कानूनी कार्यवाही एवं पंचायत द्वारा किये गये गलत फैसले के विरूद्ध कार्यवाही के सन्दर्भ में।
To: complaints.ncpcr@gmail.com
Cc: lenin@pvchr.asia, pvchr.india@gmail.com


16 जून, 2012
सेवा में,
श्री योगेश दूबे,
सदस्‍य,
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग,
नई दिल्‍ली।

विषय: मूक बधिर 11 वर्षीय बालिका के गैंग रेप की घटना में कानूनी कार्यवाही एवं पंचायत द्वारा किये गये गलत फैसले के विरूद्ध कार्यवाही के सन्दर्भ में।

महोदय,

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले की 11 वर्षीय मूक बधिर बालिका से गैंग रेप की घटना प्रकाश में आयी है, किन्तु अभी तक एफ.आई. आर. दर्ज नहीं कराया जा सका है। घटना की खबर आने पर पंचायत द्वारा लड़की के पिता को लड़की की बदनामी का डर दिखाकर एफ0आई0आर0 कराने से रोक दिया और 21,000/- (इक्‍कीस हजार रूपये) की राशि आरोपी लड़के के परिवार वालो द्वारा पीडि़त बालिका के पिता को देने का फैसला सुना दिया है। दूसरी तरफ पीडि़त लड़की की हालत नाजुक बनी है।

कृपया घटना को संज्ञान में लेकर उत्‍तर प्रदेश इलाहाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश देकर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाय।

संलग्‍नक :-
1.अख़बार की कटिंग।

भवदीया


(श्रुति)
मैनेजिंग ट्रस्टी





PEOPLES VIGILANCE COMMITTEE ON HUMAN RIGHTS(PVCHR)
SA4/2 DAULATPUR,VARANASI(UP)-221002,INDIA..
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Rape of a child

Friday, June 15, 2012

Four Dalits done to death in Srikakulam village



To, 

Chairperson 

National Human Rights Commission 

New Delhi

 

 Dear Sir, 

 

I want to bring in your kind attention toward the news published in The Hindu Four Dalits done to death in Srikakulam village on 13th June, 2012  http://www.thehindu.com/news/states/andhra-pradesh/article3520527.ece 


Four Dalits done to death in Srikakulam village

 

Staff Reporter
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Police personnel enquiring about  the attack on Dalits in Lakshmipeta of Vangara  mandal on Tuesday. Photo: Basheer
Police personnel enquiring about the attack on Dalits in Lakshmipeta of Vangara mandal on Tuesday. Photo: Basheer

Four Dalits were killed and 25 injured in an attack, allegedly by members of a Backward Class community, at Lakshmipeta of Vangara mandal, 55 km from here, on Tuesday morning. The condition of four, admitted in the Rajam area hospital was stated to be critical.

As a majority of police personnel had been drafted for the by-election duty in Narasannapeta, the attackers backed by 'village elders' took advantage of the situation to indulge in bloodbath. Police reached the spot two-and-a-half hours after the attack that took place at 8 a.m.

The victims have been identified as Burada Sundara Rao (45), Chitri Appadu (35), Nivarti Venkati (65) and Nivarti Sangameshu (40).

Rapprochement fails

According to the police and locals, differences arose between the two communities over use of leftover land alienated for the Madduvalasa reservoir. The government acquired lands for the reservoir but a portion of it remained vacant. With both sections claiming ownership, the district administration's efforts to bring about a rapprochement did not bear fruit.

A police picket had been posted in the village to avert clashes. But after several police personnel left for poll duty at Narsannapeta, the dominant section went on the rampage attacking the dalits with crude bombs, sickles, hatchets, axes and other weapons.

The shocked Dalits could neither retaliate nor run for safety.

"My father Venkati begged with folded hands to spare him saying the entire family depended on him. But the attackers did not heed his appeal and killed him on the spot," said a shocked Anuradha who had become unconscious after witnessing the attack.

The State government decided to inquire into the Lakshmipeta incident under Scheduled Caste and Scheduled Tribe (Prevention of Atrocities) Act. The government will pay compensation of Rs.2 lakh to each bereaved family member.

According to district Collector G. Venkatram Reddy, Minister for Medical Education Kondru Muralimohan will distribute Rs.1.5 lakh to each of four families on Wednesday and the remaining Rs.50, 000 will be distributed after the thorough inquiry and court verdict.

Interim probe report

Meanwhile, Palakonda Revenue Divisional Officer S. Venkateswara Rao submitted an interim inquiry report to the Collector. According to him, all the deceased were agriculture labourers and were the bread winners for their respective families.

A CPI(M) team consisting of Bhaviri Krishnamurthy and Panchadi Papa Rao visited the village demanded an ex gratia Rs.10 lakh and 5 acres of land to each family.

Palakonda Revenue Divisional Officer Saluru Venkateswara Rao assured the victims' families that their grievances would be taken the notice of the government.

Therefore it is a kind request please take immediate action at earliest and ensure the justice, security and compensation to the victim.
 
Thanking You 

Sincerely Yours

 
Lenin Raghuvanshi
Secretary General
Peoples' Vigilance Committee on Human Rights
Sa 4/2 A Daulatpur, Varanasi
Uttar Pradesh
Mobile No: +91-9935599333





Dalit paraded half-naked by cops in Gujarat...



---------- Forwarded message ----------
From: Shabana - <shabana@pvchr.asia>
Date: Sat, Jun 16, 2012 at 10:44 AM
Subject: re: Dalit paraded half-naked by cops in Gujarat...
To: jrlawnhrc@hub.nic.in
Cc: akpnhrc@yahoo.com, Lenin Raghuvanshi <pvchr.india@gmail.com>



To, 
Chairperson
National Human Rights Commission 
New Delhi


Dear Sir, 

I want to bring in your kind attention toward the news published in daily news and analysis " Dalit paraded half-naked by cops in Gujarat." on 13th June, 2012 http://www.dnaindia.com/india/report_dalit-paraded-half-naked-by-cops-in-gujarat_1701731


Dalit paraded half-naked by cops in Gujarat

Published: Wednesday, Jun 13, 2012, 14:51 IST 
By Roxy Gagdekar | Place: Ahmedabad | Agency: DNA

In an incident of police atrocity, a dalit man was thrashed and allegedly paraded half-naked by the police at Ved village in Kautambha taluka of Panchmahals district on Sunday. When the dalits of the village protested, the police assaulted them in a lathicharge.

As if this was not enough, the police took the half-naked dalit to Koutambha police station and registered a case against him for obstructing a public servant in the discharge of his duties. However, the police allegedly did not allow him to wear any new clothes for the whole night.

According to eyewitness accounts, the victim, Raman Vankar (38), was brought to the center of Ved village at around 1 pm on Sunday. Here the police allegedly stripped him of all his clothes leaving him with nothing but his underwear. He was taken to the police station at around 3 pm.

Kanti Vankar, a dalit man who lives in Ved village, told DNA that he was allowed to give some clothes to Raman at the police station only on Monday morning.

Further, despite the efforts of relatives and dalit leaders, the police have not registered Raman's complaint in the matter. The dalits have accused a retired police inspector, GP Joshi, and a head constable, Dharmendrasinh Somsinh (buckle number:1845) of stripping Raman and beating him up.

Kanti Vankar said that after Raman was taken from the village, he was kept in police lock-up from Sunday afternoon to Monday morning only in his underwear.

"I gave him his clothes on Monday morning," Kanti told DNA. He said that Raman was picked up from Vankarvaas which is located on the outskirts of Ved village and then taken to the center of the village where he was stripped by the police and assaulted.

"The police took off his shirt and pants and beat him up in front of the whole village. No one was allowed even to go near police officials," Kanti said.

Bharat Ghoi (40), a resident of Ved village who was an eyewitness of the incident, said that everything had happened in front of his eyes.

"Raman was brought to the centre of the village, his clothes were taken off and he was beaten up. He was then taken to the police station in the same condition," said Ghoi, who is a labourer.

Raman was assaulted by a group of policemen who had come from the Koutambha police station.

The conflict between the dalits and the police started on Sunday morning after Joshi allegedly used abusive language against Scheduled Castes and hit one Arvind Vankar, a dalit, on the head with an iron rod for releasing drainage water on the road. When Arvind protested, he was beaten up by Joshi who also called the police, including Dharmendrasinh.

Joshi commutes through the village to his farmhouse in his car every morning. Manu Rohit, a community leader and an office-bearer of Navsarjan, told DNA that Arvind was beaten up later too.

"As a result, the dalits got angry and collected in the village only to be assaulted by the police in a lathicharge. The police nabbed three dalits — Raman, Narendra and Rama Vankar," Rohit said. Navsarjan is an NGO which works for dalit welfare.


Therefore it is a kind request please take immediate action at earliest and register case under  SC/ST PoA Act and  and ensure the justice, security and compensation  to the victim. 


Thanking You 

Sincerely Yours

 
Lenin Raghuvanshi
Secretary General
Peoples' Vigilance Committee on Human Rights
Sa 4/2 A Daulatpur, Varanasi
Uttar Pradesh
Mobile No: +91-9935599333




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Hatred does not cease by hatred, but only by love; this is the eternal rule.
--The Buddha
 
"We are what we think. With our thoughts we make our world." - Buddha
 
 
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